Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:26 pm 18 Feb 2026 श्री बाहुबली चालीसा श्री बाहुबली चालीसा नमूं सदा नवदेवता, मन मंदिर में धार। बाहुबली भगवान को, करके नमन हजार।। ... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:26 pm 18 Feb 2026 दादा गुरुदेव इकतीसा श्री गुरुदेव दयाल को, मन में ध्यान लगाए, अष्टसिद्धि नवनिधि मिले, मनवांछित फल पाए || श्री गुर... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:25 pm 18 Feb 2026 श्री शांतिनाथ चालीसा शान्तिनाथ भगवान का, चालीसा सुखकार ।। मोक्ष प्राप्ति के लिय, कहूँ सुनो चितधार ।। चालीसा चालीस द... Continue reading
Naman Jain 0 comments chalisa, Library 18 February 2026, 1:24 pm 18 Feb 2026 श्री नमोकार चालीसा दोहा – सब सिद्धों को नमन कर, सरस्वती को ध्याय। चालीसा नवकार का ,लिखूं त्रियोग लगाय। चौपाई... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:24 pm 18 Feb 2026 श्री आदिनाथ चालीसा शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करुं प्रणाम | उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम || सर्व साधु औ... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:09 pm 18 Feb 2026 श्री धर्मनाथ चालीसा उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:08 pm 18 Feb 2026 श्री अजितनाथ चालीसा श्री आदिनाथ को शिश नवा कर, माता सरस्वती को ध्याय । शुरू करूँ श्री अजितनाथ का, चालीसास्व – सुखदा... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:07 pm 18 Feb 2026 श्री सुमतिनाथ चालीसा श्री सुमतिनाथ का करूणा निर्झर, भव्य जनो तक पहूँचे झर – झर ।। नयनो में प्रभु की छवी भऱ कर, नित च... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:05 pm 18 Feb 2026 श्री सम्भवनाथ चालीसा श्री जिनदेव को करके वंदन, जिनवानी को मन में ध्याय । काम असम्भव कर दे सम्भव, समदर्शी सम्भव जिनरा... Continue reading
Naman Jain 0 comments Library, chalisa 18 February 2026, 1:04 pm 18 Feb 2026 श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा ऋषभ – अजित – सम्भव अभिनन्दन, दया करे सब पर दुखभंजन जनम – मरन के टुटे बन्धन, मन मन्दिर तिष्ठें अभिनन... Continue reading